जड़त्व आघूर्ण, प्रमेय एवं परिभ्रमण त्रिज्या
रैखिक गति में द्रव्यमान M त्वरण के प्रति प्रतिरोध (जड़त्व) का माप है। घूर्णी गति में कोणीय त्वरण के प्रति प्रतिरोध केवल पदार्थ की मात्रा पर ही नहीं, बल्कि इस बात पर भी अत्यधिक निर्भर करता है कि वह द्रव्यमान घूर्णन अक्ष से कितनी दूरी पर फैला हुआ है। द्रव्यमान के इस घूर्णी समतुल्य को जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia - I) कहते हैं।
1. जड़त्व आघूर्ण की परिभाषा एवं परिभ्रमण त्रिज्या
घूर्णन अक्ष से क्रमशः r1, r2, ..., rn लंबवत दूरियों पर स्थित m1, m2, ..., mn द्रव्यमान वाले विविक्त कणों के निकाय हेतु:
सतत दृढ़ पिंडों के लिए यह समाकलन बन जाता है:
मात्रक एवं विमा: SI मात्रक kg·m² है। विमीय सूत्र: [ML²T⁰]। जड़त्व आघूर्ण एक प्रदेश (Tensor) राशि है (स्थिर अक्ष के लिए इसे अदिश की भांति प्रयुक्त किया जाता है)।
परिभ्रमण त्रिज्या (Radius of Gyration - k)
घूर्णन अक्ष से वह दूरी k जिस पर यदि पिंड का संपूर्ण द्रव्यमान M केंद्रित मान लिया जाए तो उसका जड़त्व आघूर्ण अपरिवर्तित रहे:
2. जड़त्व आघूर्ण के मूलभूत प्रमेय
A. लंबवत अक्षों का प्रमेय (केवल समतल पटल हेतु)
xy-तल में स्थित किसी पतले समतल पटल (laminar body) के तल के लंबवत अक्ष (z-अक्ष) के परितः जड़त्व आघूर्ण, पटल के तल में स्थित तथा परस्पर लंबवत दो अक्षों (x व y अक्ष) के परितः जड़त्व आघूर्णों के योग के बराबर होता है:
B. समांतर अक्षों का प्रमेय (सार्वत्रिक - सभी पिंडों हेतु)
किसी भी दृढ़ पिंड का किसी अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण I, उसके द्रव्यमान केंद्र से गुजरने वाले समांतर अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण Icm तथा पिंड के द्रव्यमान M एवं दोनों समांतर अक्षों के बीच की लंबवत दूरी d के वर्ग के गुणनफल के योग के बराबर होता है:
अनिवार्य नियम: दोनों समांतर अक्षों में से एक अक्ष द्रव्यमान केंद्र (CM) से अवश्य गुजरना चाहिए!
3. मानक ज्यामितियों की जड़त्व आघूर्ण तालिका
| दृढ़ पिंड | घूर्णन अक्ष की स्थिति | जड़त्व आघूर्ण (I) | k² / R² का मान |
|---|---|---|---|
| पतली छड़ (लंबाई L) | केंद्र से लंबवत अक्ष | (1/12) M L² | L² / 12 |
| पतली छड़ (लंबाई L) | एक सिरे से लंबवत अक्ष | (1/3) M L² | L² / 3 |
| वृत्ताकार वलय (त्रिज्या R) | केंद्रीय लंबवत अक्ष | M R² | 1 |
| वृत्ताकार वलय (त्रिज्या R) | व्यास के परितः (लंबवत प्रमेय) | (1/2) M R² | 1 / 2 |
| वृत्ताकार वलय (त्रिज्या R) | तल में स्पर्शरेखा (समांतर प्रमेय) | (3/2) M R² | 3 / 2 |
| वृत्ताकार चकती (त्रिज्या R) | केंद्रीय लंबवत अक्ष | (1/2) M R² | 1 / 2 |
| वृत्ताकार चकती (त्रिज्या R) | व्यास के परितः (लंबवत प्रमेय) | (1/4) M R² | 1 / 4 |
| वृत्ताकार चकती (त्रिज्या R) | तल के लंबवत स्पर्शरेखा | (3/2) M R² | 3 / 2 |
| वृत्ताकार चकती (त्रिज्या R) | तल में स्पर्शरेखा | (5/4) M R² | 5 / 4 |
| खोखला बेलन (त्रिज्या R) | केंद्रीय अनुदैर्ध्य अक्ष | M R² | 1 |
| ठोस बेलन (त्रिज्या R) | केंद्रीय अनुदैर्ध्य अक्ष | (1/2) M R² | 1 / 2 |
| खोखला गोला (पतला खोल, R) | किसी भी व्यास के परितः | (2/3) M R² | 2 / 3 |
| खोखला गोला (त्रिज्या R) | सतह पर स्पर्शरेखा | (5/3) M R² | 5 / 3 |
| ठोस गोला (त्रिज्या R) | किसी भी व्यास के परितः | (2/5) M R² | 2 / 5 |
| ठोस गोला (त्रिज्या R) | सतह पर स्पर्शरेखा | (7/5) M R² | 7 / 5 |
4. समांतर एवं लंबवत अक्ष प्रमेयों का रेखाचित्र
चित्र 6.5 — चकती हेतु लंबवत एवं समांतर अक्ष प्रमेयों का अनुप्रयोग
चरण-दर-चरण हल किए गए संख्यात्मक उदाहरण
प्रश्न: M द्रव्यमान तथा R त्रिज्या की एकसमान चकती में से R/2 त्रिज्या का एक वृत्ताकार छिद्र इस प्रकार काटा जाता है कि उसकी परिधि मूल चकती के केंद्र से होकर गुजरती है। मूल केंद्र से गुजरने वाले तथा तल के लंबवत अक्ष के परितः शेष भाग का जड़त्व आघूर्ण ज्ञात कीजिए।
मूल चकती का द्रव्यमान = M।
हटाए गए छिद्र का द्रव्यमान: m = M × [π(R/2)² / πR²] = M / 4।
चरण 2: मूल चकती का केंद्र के परितः जड़त्व आघूर्ण:
Iकुल = ½ M R²।
चरण 3: हटाए गए छिद्र का मूल केंद्र के परितः जड़त्व आघूर्ण:
छिद्र का अपने द्रव्यमान केंद्र के परितः आघूर्ण: Icm,छिद्र = ½ m (R/2)² = ½ (M/4) (R²/4) = M R² / 32।
छिद्र के केंद्र की मूल केंद्र से दूरी d = R/2 है। समांतर अक्ष प्रमेय से:
Iछिद्र,O = Icm,छिद्र + m d² = (M R² / 32) + (M/4)(R/2)² = 3 M R² / 32।
चरण 4: शेष भाग का जड़त्व आघूर्ण:
Iशेष = Iकुल − Iछिद्र,O = (½ M R²) − (3/32 M R²) = (13 / 32) M R²।
प्रश्न: R त्रिज्या के एकसमान ठोस गोले की उसकी सतह पर स्पर्शरेखा के परितः परिभ्रमण त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
Icm = (2/5) M R²।
चरण 2: समांतर अक्ष प्रमेय द्वारा स्पर्शरेखा के परितः आघूर्ण:
Iस्पर्शरेखा = Icm + M R² = (2/5) M R² + M R² = (7/5) M R²।
चरण 3: परिभ्रमण त्रिज्या सूत्र से:
I = M k² ⇒ (7/5) M R² = M k² ⇒ k = √(7/5) R ≈ 1.183 R।
5. हल किए गए NEET एवं JEE अभ्यास प्रश्न
A. 1 : √2
B. √2 : 1
C. 2 : 1
D. 1 : 2
चकती हेतु: I = ½ MR² ⇒ kचकती = R / √2।
अनुपात = R : (R / √2) = √2 : 1।
A. m a²
B. 2 m a²
C. 3 m a²
D. 4 m a²
कुल I = 0 + ma² + ma² + 2ma² = 4 m a²।
A. (7/48) M L²
B. (1/12) M L²
C. (1/48) M L²
D. (13/48) M L²
समांतर अक्ष प्रमेय: I = Icm + M d² = (1/12) M L² + M (L/4)² = (1/12 + 1/16) M L² = (7/48) M L²।
A. (ρ L³) / (4π²)
B. (ρ L³) / (8π²)
C. (ρ L³) / (16π²)
D. (ρ L³) / (2π²)
व्यास के परितः आघूर्ण: I = ½ M R² = ½ (ρL) [L² / (4π²)] = (ρ L³) / (8π²)।
6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
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