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कक्षा 11 · भौतिकीJEE MAIN × NEETEnglish
§ 9.4NCERT कक्षा 11 · भौतिकी · अध्याय 9

श्यानता, स्टोक का नियम, सीमान्त वेग एवं प्वाजुली प्रवाह

जिस प्रकार परस्पर संपर्क में स्थित ठोस पृष्ठों के मध्य सापेक्ष गति का विरोध करने वाला घर्षण बल कार्य करता है, उसी प्रकार वास्तविक तरल की परस्पर संपर्क में स्थित परतों के बीच उनकी आपेक्षिक गति का विरोध करने वाला आंतरिक घर्षण बल कार्य करता है। तरलों के इस आंतरिक गुण को श्यानता (Viscosity) कहते हैं।

1. वेग प्रवणता एवं न्यूटन का श्यानता नियम

क्षैतिज स्थिर ठोस प्लेट पर धारारेखीय रूप से बहते द्रव पर विचार करें। ठोस तल के सीधे संपर्क वाली द्रव परत स्थिर रहती है (v = 0)। जैसे-जैसे तल से लंबवत दूरी x बढ़ती है, परतों का वेग निरंतर बढ़कर v हो जाता है:

   शीर्ष परत:      ~~~~~~~~~~~~~~~~==================> वेग (v + dv)
                   |  अपरूपण प्रतिबल tau = F / A     |
                   |  वेग प्रवणता = dv / dx          |
   मध्यम परत:      ~~~~~~~~~~~~~~~~============>       वेग v
                   |                                 |
   स्थिर प्लेट:    =================================== स्थिर ठोस दीवार (v = 0)
      
चित्र 9.4A: द्रव के धारारेखीय प्रवाह में वेग परिच्छेदिका, जो परतों के बीच उत्पन्न अपरूपण प्रतिबल को दर्शाती है।

प्रवाह की लंबवत दूरी के साथ वेग परिवर्तन की दर को वेग प्रवणता (Velocity Gradient) (dv/dx) कहते हैं, जिसका मात्रक s-1 होता है।

सर आइजैक न्यूटन के अनुसार, संपर्क क्षेत्रफल A वाली दो संलग्न परतों के बीच लगने वाला स्पर्शीय श्यान बल F निम्नलिखित होता है:

F ∝ A तथा F ∝ dv/dx ⇒ F = -η A dv/dx

जहाँ η तरल का श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) है। ऋण चिह्न यह दर्शाता है कि श्यान बल आपेक्षिक गति की विपरीत दिशा में कार्य करता है।

श्यानता के मात्रक एवं विमाएं

  • SI मात्रक: N·s/m2 = Pa·s (इसे डेकाप्वाज या प्वाजुली, Pl भी कहा जाता है)।
  • CGS मात्रक: dyne·s/cm2 = प्वाज (Poise - P)।
  • संबंध: 1 Pa·s = 10 Poise = 1000 cP (सेंटीप्वाज)। (20°C पर जल का η ≈ 10-3 Pa·s = 1 cP)।
  • विमीय सूत्र: [η] = [M1 L-1 T-1]।

2. स्टोक का नियम एवं सीमान्त वेग की व्युत्पत्ति

स्टोक का नियम (Stokes' Law): जब r त्रिज्या का एक छोटा गोलीय पिंड η श्यानता गुणांक वाले एक अनंत समांगी स्थिर श्यान माध्यम में v वेग से गति करता है, तो पिंड पर गति का विरोध करने वाला श्यान बल Fv निम्नलिखित होता है:
Fv = 6π η r v

सीमान्त वेग (vt) की व्युत्पत्ति

त्रिज्या r तथा ठोस घनत्व ρ की एक छोटी गोली को घनत्वσवाले श्यान माध्यम में गुरुत्व के अधीन नीचे गिरते हुए देखें (ρ > σ):

                               +-------------------+
                               |   ऊपर की ओर बल:   |
                               |   FB (उत्प्लावन) |
                               |   Fv (श्यान बल)  |
                               +------------------+
                                         |
                                      ( O ) गोली (त्रिज्या r, घनत्व rho)
                                         |
                               +---------v---------+
                               |  नीचे की ओर बल:   |
                               |  W = mg (गुरुत्व) |
                               +-------------------+
             
             सीमान्त वेग पर: W = FB + Fv (परिणामी त्वरण a = 0)
      
चित्र 9.4B: श्यान द्रव में सीमान्त वेग पर गतिमान गोलीय पिंड का मुक्त पिंड आरेख।

गिरती हुई गोली पर तीन बल एक साथ कार्य करते हैं:

  1. नीचे की ओर गुरुत्वीय भार: W = mg = 4/3π r3 ρ g।
  2. ऊपर की ओर उत्प्लावन बल: FB = 4/3π r3 σ g।
  3. ऊपर की ओर स्टोक का श्यान बल: Fv = 6π η r v।

जैसे-जैसे वेग बढ़ता है, Fv बढ़ता जाता है जब तक कि परिणामी बल शून्य न हो जाए (a = 0)। इसके पश्चात गोली एक नियत अधिकतम वेग से गिरती है, जिसे सीमान्त वेग (Terminal Velocity - vt) कहते हैं:

W = FB + Fv ⇒ 4/3π r3 ρ g = 4/3π r3 σ g + 6π η r vt
6π η r vt = 4/3π r3 (ρ - σ) g
सीमान्त वेग का सूत्र:
vt = 2/9(r2(ρ - σ)g)/(η)
महत्वपूर्ण अनुपातिकताएं:
  • vt ∝ r2 (बड़ी वर्षा की बूंदें छोटी कोहरे की बूंदों की तुलना में बहुत तेज गिरती हैं)।
  • vt ∝ (ρ - σ)(यदि ρ < σ, जैसे जल में वायु का बुलबुला, तोvt ऋणात्मक होता है अर्थात बुलबुला ऊपर उठता है)।
  • vt ∝ 1/(η) (अधिक गाढ़े श्यान द्रवों में सीमान्त वेग अत्यधिक कम होता है)।

3. केशिका नली में प्वाजुली का प्रवाह सूत्र

त्रिज्या r तथा लंबाई l की क्षैतिज बेलनाकार केशिका नली में दाबांतर P के अंतर्गत श्यान द्रव के धारारेखीय प्रवाह की आयतन दर:

Q = dV/dt = (π P r4)/(8 η l)
  • चतुर्थ घात संवेदनशीलता (Q ∝ r4): यदि नली की त्रिज्या आधी कर दी जाए (r → r/2), तो प्रवाह दर 24 = 16 गुना घट जाती है! यह मानव रक्त परिसंचरण में अत्यंत महत्वपूर्ण है; धमनियों में अल्प जमाव भी रक्त प्रवाह को भारी बाधित कर देता है।
  • द्रव प्रतिरोध सादृश्य: ओम के नियम (I = V/R) के समान:
    Q = P/Rfluid जहाँ Rfluid = (8η l)/(π r4)

4. क्रांतिक वेग एवं रेनॉल्ड्स संख्या

धारारेखीय प्रवाह से प्रक्षुब्ध प्रवाह में संक्रमण का निर्धारण विमाहीन रेनॉल्ड्स संख्या (Re) द्वारा होता है:

Re = (जड़त्वीय बल)/(श्यान बल) = (ρ v d)/(η)

जहाँ ρ द्रव का घनत्व,v प्रवाह वेग,d नली का व्यास, तथाη श्यानता है।

रेनॉल्ड्स संख्या परास प्रवाह की प्रकृति भौतिक विशेषताएं
Re < 2000 धारारेखीय (Laminar) परतें समानांतर रूप से शांत एवं व्यवस्थित प्रवाहित होती हैं; कोई विक्षोभ नहीं।
2000 < Re < 3000 संक्रमणकालीन (Transitional) प्रवाह अस्थिर होता है; धारारेखीय और प्रक्षुब्ध के बीच दोलन करता है।
Re > 3000 प्रक्षुब्ध (Turbulent) अव्यवस्थित भंवर, तेज ध्वनि तथा उच्च ऊर्जा ह्रास।

JEE एवं NEET हल किए गए अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1: वायु में 0.1 m/s के सीमान्त वेग से गिरती हुई वर्षा की आठ समान गोलीय बूंदें मिलकर एक बड़ी अकेली गोलीय बूंद बनाती हैं। संयुक्त बड़ी बूंद का सीमान्त वेग ज्ञात कीजिए।
हल:
माना छोटी बूंद की त्रिज्या r तथा बड़ी बूंद की त्रिज्या R है।
आयतन संरक्षण से:
4/3π R3 = 8 × (4/3π r3) ⇒ R3 = 8r3 ⇒ R = 2r

स्टोक के सीमान्त वेग नियमानुसार:
vt ∝ r2

अतः बड़ी बूंद का वेग:
(vt')/vt = (R/r)2 = 22 = 4

vt' = 4 × 0.1 m/s = 0.4 m/s
प्रश्न 2: त्रिज्या 1 mm तथा घनत्व 10.5 g/cm3 की एक धातु की गोली ग्लिसरीन (घनत्व 1.5 g/cm3, η = 0.8 Pa·s) के एक लंबे स्तंभ में गिरती है। गोली द्वारा प्राप्त सीमान्त वेग की गणना कीजिए। (g = 9.8 m/s2 लें)।
हल:
मानों को SI मात्रकों में बदलने पर:
- r = 1 mm = 10-3 m
- ρ = 10.5 × 103 kg/m3
- σ = 1.5 × 103 kg/m3 ⇒ ρ - σ = 9.0 × 103 kg/m3
- η = 0.8 Pa·s, g = 9.8 m/s2

सीमान्त वेग सूत्र लागू करने पर:
vt = 2/9(r2(ρ - σ)g)/(η) = 2/9 × ((10-3)2 × (9.0 × 103) × 9.8)/0.8

vt = 2/9 × (10-6 × 9000 × 9.8)/0.8 = 2/9 × 0.0882/0.8 = 0.0245 m/s = 2.45 cm/s

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. ताप बढ़ाने पर द्रवों की श्यानता क्यों घटती है?
तापमान बढ़ने से द्रवों के अणुओं के बीच की दूरी बढ़ती है जिससे संसंजक बल कमजोर हो जाते हैं, फलस्वरूप श्यानता घट जाती है।
Q2. सीमान्त वेग का त्रिज्या पर क्या निर्भरता है?
सीमान्त वेग गोलीय पिंड की त्रिज्या के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है (vt proportional to r2)।
Q3. रेनॉल्ड्स संख्या का क्या महत्व है?
यह प्रवाह के प्रकार को निर्धारित करती है; Re < 2000 पर धारारेखीय तथा Re > 3000 पर प्रक्षुब्ध प्रवाह होता है।
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