कार्बनिक यौगिकों का मात्रात्मक तात्विक विश्लेषण
कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन (ड्यूमा एवं जेल्डॉल विधि), हैलोजन (कैरियस विधि), सल्फर तथा फॉस्फोरस के प्रतिशत आकलन के संपूर्ण गणितीय सूत्र, प्रायोगिक सिद्धांत तथा NCERT एवं JEE संख्यात्मक समस्याओं का समाधान।
1. कार्बन एवं हाइड्रोजन का आकलन (लीबिग दहन विधि)
कार्बनिक यौगिक की ज्ञात मात्रा (m ग्राम) को शुष्क ऑक्सीजन की अधिकता में क्यूप्रिक ऑक्साइड (CuO) की उपस्थिति में पूर्णतः जलाया जाता है:
- उत्पन्न जल वाष्प को निर्जल कैल्सियम क्लोराइड (CaCl2) की यू-नलिका में अवशोषित किया जाता है। द्रव्यमान में वृद्धि = mH2O.
- उत्पन्न CO2 को सांद्र KOH विलयन वाले बल्ब में अवशोषित किया जाता है। द्रव्यमान में वृद्धि = mCO2.
गणना सूत्र:
% Hydrogen = [ 2 / 18 ] × [ mH2O / m ] × 100
2. नाइट्रोजन का आकलन
A. ड्यूमा विधि (Dumas Method)
नाइट्रोजन युक्त यौगिक को CO2 के वातावरण में CuO के साथ गर्म किया जाता है, जिससे नाइट्रोजन N2 गैस में परिवर्तित हो जाती है। इसे नाइट्रोमीटर में KOH विलयन के ऊपर एकत्र किया जाता है (KOH गैस CO2 को अवशोषित कर लेता है):
ड्यूमा विधि गणना के चरण:
- जलवाष्प दाब / जलीय तनाव (f) घटाकर शुष्क N2 का दाब ज्ञात करें: P1 = Pकुल − f.
- गैस के आयतन V1 (mL) को मानक ताप व दाब (STP: P0 = 760 mm Hg, T0 = 273 K) पर बदलें:
VSTP = [ P1 × V1 × 273 ] / [ 760 × T1 ]
- प्रतिशत मात्रा सूत्र:
% Nitrogen = [ 28 / 22400 ] × [ VSTP / m ] × 100
B. जेल्डॉल विधि (Kjeldahl's Method)
यौगिक को सांद्र H2SO4 के साथ K2SO4 (क्वथनांक बढ़ाने हेतु) तथा CuSO4 (उत्प्रेरक) की उपस्थिति में गर्म करने पर समस्त नाइट्रोजन (NH4)2SO4 में परिवर्तित हो जाती है। इसे NaOH के साथ उबालकर अमोनिया (NH3) मुक्त की जाती है, जिसे मानक अम्ल की ज्ञात मात्रा में अवशोषित कर अनुमापन किया जाता है:
जहाँ N = प्रयुक्त अम्ल की नॉर्मलता, Vacid = NH3 द्वारा उदासीन किए गए अम्ल का आयतन (mL), m = यौगिक का द्रव्यमान (g)।
यह विधि नाइट्रो यौगिकों (−NO2), ऐजो यौगिकों (−N=N−) तथा वलय में नाइट्रोजन युक्त विषमचक्रीय यौगिकों (जैसे पिरिडीन) के लिए उपयोगी नहीं है।
3. हैलोजन का आकलन (कैरियस विधि)
यौगिक (m ग्राम) को सधूम HNO3 तथा ठोस AgNO3 के साथ कैरियस नली में गर्म किया जाता है, जिससे अघुलनशील सिल्वर हैलाइड (AgX) अवक्षेपित होता है:
| हैलोजन | सिल्वर हैलाइड मोलर द्रव्यमान | प्रतिशतता सूत्र |
|---|---|---|
| क्लोरीन (Cl) | AgCl = 143.5 g/mol | % Cl = [ 35.5 / 143.5 ] × [ mAgCl / m ] × 100 |
| ब्रोमीन (Br) | AgBr = 188.0 g/mol | % Br = [ 80.0 / 188.0 ] × [ mAgBr / m ] × 100 |
| आयोडीन (I) | AgI = 235.0 g/mol | % I = [ 127.0 / 235.0 ] × [ mAgI / m ] × 100 |
4. सल्फर एवं फॉस्फोरस का आकलन (कैरियस विधि)
- सल्फर (S): सधूम HNO3 के साथ गर्म करने पर सल्फर H2SO4 में बदलता है, जिसे BaCl2 मिलाकर BaSO4 (मोलर द्रव्यमान 233 g/mol) के रूप में तौला जाता है:
% S = [ 32 / 233 ] × [ mBaSO4 / m ] × 100
- फॉस्फोरस (P): मैग्नीशियम पाइरोफॉस्फेट (Mg2P2O7, मोलर द्रव्यमान 222 g/mol) के रूप में तौला जाता है:
% P = [ 62 / 222 ] × [ mMg2P2O7 / m ] × 100
5. ऑक्सीजन की प्रतिशतता
6. संख्यात्मक प्रश्न एवं संपूर्ण हल
% C = (12 / 44) × (0.198 / 0.246) × 100 = 21.95%.
2. % हाइड्रोजन:
% H = (2 / 18) × (0.1014 / 0.246) × 100 = 4.58%.
2. STP पर आयतन:
VSTP = (700 × 50 × 273) / (760 × 300) = 41.91 mL.
3. % नाइट्रोजन:
% N = (28 / 22400) × (41.91 / 0.30) × 100 = 17.46%.
उदासीन मिलीतुल्यांक = 2 N × 10 mL = 20 meq.
% N = [ 1.4 × 20 ] / 0.50 = 28 / 0.50 = 56.0%.
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