§ 8.2NCERT कक्षा 11 · रसायन विज्ञान · अध्याय 8
कार्बनिक यौगिकों का IUPAC नामकरण
इंटरनेशनल यूनियन ऑफ प्योर एंड एप्लाइड केमिस्ट्री (IUPAC) नामकरण पद्धति: मूल शब्द, पूर्वलग्न, अनुलग्न, मुख्य क्रियात्मक समूह प्राथमिकता सारणी, तथा बहुक्रियात्मक एवं ऐरोमैटिक यौगिकों के नामकरण नियम।
1. IUPAC नाम की मूल संरचना
IUPAC नाम = द्वितीयक पूर्वलग्न + प्राथमिक पूर्वलग्न + मूल शब्द + प्राथमिक अनुलग्न + द्वितीयक अनुलग्न
- मूल शब्द (Root Word): जनक कार्बन श्रृंखला में कार्बन परमाणुओं की संख्या को प्रदर्शित करता है (C1: मेथ, C2: एथ, C3: प्रोप, C4: ब्यूट, C5: पेन्ट, C6: हेक्स, C7: हेप्ट, C8: ऑक्ट, C9: नॉन, C10: डेक)।
- प्राथमिक अनुलग्न (Primary Suffix): श्रृंखला की संतृप्तता/असंतृप्तता व्यक्त करता है (−ane एकल आबंध हेतु, −ene द्विआबंध हेतु, −yne त्रिआबंध हेतु)।
- द्वितीयक अनुलग्न (Secondary Suffix): अणु के प्रधान क्रियात्मक समूह को व्यक्त करता है (जैसे −oic acid, −al, −one, −ol, −amine)।
- प्राथमिक पूर्वलग्न (Primary Prefix): चक्रीय यौगिकों हेतु 'cyclo' शब्द का प्रयोग किया जाता है।
- द्वितीयक पूर्वलग्न (Secondary Prefix): प्रतिस्थापी समूहों अथवा पार्श्व श्रृंखलाओं को व्यक्त करता है (जैसे क्लोरो, ब्रोमो, नाइट्रो, मिथाइल, एथिल)।
2. क्रियात्मक समूहों की प्राथमिकता वरीयता सूची
| क्रियात्मक समूह | संरचना | पूर्वलग्न (जब प्रतिस्थापी हो) | द्वितीयक अनुलग्न (प्रधान समूह) |
|---|---|---|---|
| कार्बोक्सिलिक अम्ल | −COOH | कार्बोक्सी (carboxy) | −oic acid |
| सल्फोनिक अम्ल | −SO3H | सल्फो (sulpho) | sulphonic acid |
| एस्टर | −COOR | ऐल्कॉक्सीकार्बोनिल (alkoxycarbonyl) | alkyl ... −oate |
| अम्ल हैलाइड | −COX | हैलोकार्बोनिल (halocarbonyl) | −oyl halide |
| एमाइड | −CONH2 | कार्बामॉयल (carbamoyl) | −amide |
| नाइट्राइल (सायनाइड) | −C≡N | सायनो (cyano) | −nitrile |
| एल्डिहाइड | −CHO | फॉर्माइल / ऑक्सो (formyl / oxo) | −al |
| कीटोन | >C=O | ऑक्सो / कीटो (oxo / keto) | −one |
| ऐल्कोहॉल | −OH | हाइड्रॉक्सी (hydroxy) | −ol |
| ऐमीन | −NH2 | ऐमीनो (amino) | −amine |
विशेष प्रतिस्थापी समूह (सदैव पूर्वलग्न के रूप में):
हैलोजन (−F, −Cl, −Br, −I), नाइट्रो (−NO2), नाइट्रोसो (−NO), तथा ऐल्कॉक्सी (−OR) समूहों को कभी भी अनुलग्न नहीं दिया जाता है; इन्हें सदैव प्रतिस्थापी मानकर पूर्वलग्न के रूप में ही लिखा जाता है।
हैलोजन (−F, −Cl, −Br, −I), नाइट्रो (−NO2), नाइट्रोसो (−NO), तथा ऐल्कॉक्सी (−OR) समूहों को कभी भी अनुलग्न नहीं दिया जाता है; इन्हें सदैव प्रतिस्थापी मानकर पूर्वलग्न के रूप में ही लिखा जाता है।
3. जनक श्रृंखला चयन एवं अंकन के मुख्य नियम
- दीर्घतम श्रृंखला नियम (Longest Chain Rule): सर्वाधिक कार्बन परमाणुओं वाली अविरल श्रृंखला का चयन किया जाता है जिसमें अधिकतम संभव क्रियात्मक समूह एवं असंतृप्त आबंध शामिल हों।
- न्यूनतम अंक नियम (Lowest Locant Rule): श्रृंखला का अंकन उस सिरे से किया जाता है जिससे प्रधान क्रियात्मक समूह को न्यूनतम अंक प्राप्त हो। यदि क्रियात्मक समूह अनुपस्थित हो, तो असंतृप्त आबंध को, और उसके पश्चात प्रतिस्थापी को न्यूनतम अंक दिया जाता है।
- वर्णमाला क्रम (Alphabetical Order): विभिन्न प्रतिस्थापियों के नाम लिखते समय वर्णमाला क्रम का पालन किया जाता है। संख्यात्मक पूर्वलग्न जैसे di-, tri-, tetra- वर्णमाला क्रम निर्धारण में सम्मिलित नहीं किए जाते हैं (iso-, neo- शामिल किए जाते हैं)।
4. अभ्यास प्रश्न एवं हल
प्रश्न 1. यौगिक CH3−CH(Cl)−CH2−CH(OH)−CH3 का सही IUPAC नाम लिखिए।
उत्तर: 4-Chloropentan-2-ol.
कारण: −OH समूह प्रधान क्रियात्मक समूह है, अतः अंकन दायें सिरे से किया जाएगा ताकि −OH को लोकेन्ट 2 मिले: C1(H3)−C2(H,OH)−C3(H2)−C4(H,Cl)−C5(H3)। कार्बन 4 पर क्लोरो प्रतिस्थापी है।
कारण: −OH समूह प्रधान क्रियात्मक समूह है, अतः अंकन दायें सिरे से किया जाएगा ताकि −OH को लोकेन्ट 2 मिले: C1(H3)−C2(H,OH)−C3(H2)−C4(H,Cl)−C5(H3)। कार्बन 4 पर क्लोरो प्रतिस्थापी है।
प्रश्न 2. यौगिक CH≡C−CH2−CH=CH2 का IUPAC नाम क्या है?
उत्तर: Pent-1-en-4-yne.
कारण: द्विआबंध और त्रिआबंध दोनों सिरों से समदूरस्थ (स्थिति 1) हैं। ऐसी स्थिति में द्विआबंध को अंकन में वरीयता दी जाती है: C1=C2−C3−C4≡C5। नामकरण में 'ene' पहले लिखा जाता है और 'e' को ड्रॉप करके 'yne' जोड़ा जाता है।
कारण: द्विआबंध और त्रिआबंध दोनों सिरों से समदूरस्थ (स्थिति 1) हैं। ऐसी स्थिति में द्विआबंध को अंकन में वरीयता दी जाती है: C1=C2−C3−C4≡C5। नामकरण में 'ene' पहले लिखा जाता है और 'e' को ड्रॉप करके 'yne' जोड़ा जाता है।
प्रश्न 3. यौगिक OHC−CH2−CH2−COOH का IUPAC नाम क्या होगा?
उत्तर: 4-Oxobutanoic acid (या 4-Formylpropanoic acid).
कारण: −COOH समूह की वरीयता −CHO से उच्च है, अतः C-1 कार्बोक्सिलिक कार्बन है। C-4 पर उपस्थित एल्डिहाइड समूह का ऑक्सीजन प्रतिस्थापी 'oxo' कहलाता है।
कारण: −COOH समूह की वरीयता −CHO से उच्च है, अतः C-1 कार्बोक्सिलिक कार्बन है। C-4 पर उपस्थित एल्डिहाइड समूह का ऑक्सीजन प्रतिस्थापी 'oxo' कहलाता है।
प्रश्न 4. यौगिक (CH3)3C−CH2−C(CH3)3 का IUPAC नाम लिखिए।
उत्तर: 2,2,4,4-Tetramethylpentane.
कारण: मुख्य श्रृंखला में 5 कार्बन हैं (पेन्टेन)। स्थिति 2 पर दो मिथाइल समूह और स्थिति 4 पर दो मिथाइल समूह उपस्थित हैं।
कारण: मुख्य श्रृंखला में 5 कार्बन हैं (पेन्टेन)। स्थिति 2 पर दो मिथाइल समूह और स्थिति 4 पर दो मिथाइल समूह उपस्थित हैं।
प्रश्न 5. 2-Hydroxybenzoic acid का सामान्य प्रसिद्ध नाम क्या है?
उत्तर: सैलिसिलिक अम्ल (Salicylic acid).
संरचना: बेन्जीन वलय पर निकटवर्ती (ortho) स्थितियों पर −COOH तथा −OH समूह उपस्थित होते हैं।
संरचना: बेन्जीन वलय पर निकटवर्ती (ortho) स्थितियों पर −COOH तथा −OH समूह उपस्थित होते हैं।
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