एन्थैल्पी, ऊष्मा धारिता एवं कैलोरीमिति
प्रयोगशाला और रासायनिक उद्योग में अधिकांश रासायनिक अभिक्रियाएँ खुले पात्रों में स्थिर वायुमंडलीय दाब पर संपन्न कराई जाती हैं। स्थिर दाब पर विनिमय की गई ऊष्मा आंतरिक ऊर्जा परिवर्तन (ΔU) के बराबर नहीं होती। अतः स्थिर दाब पर होने वाले ऊष्मीय परिवर्तनों को सीधे व्यक्त करने के लिए ऊष्मागतिकी में एक नए अवस्था फलन एन्थैल्पी (H) की संकल्पना प्रस्तुत की गई।
1. एन्थैल्पी (H) एवं स्थिर दाब ऊष्मा (qp)
एन्थैल्पी को निकाय की कुल ऊष्मा अंतर्वस्तु (total heat content) के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसका गणितीय रूप है:
चूँकि आंतरिक ऊर्जा U, दाब P और आयतन V सभी अवस्था फलन हैं, इसलिए एन्थैल्पी (H) भी एक विस्तीर्ण अवस्था फलन है।
स्थिर दाब पर संपन्न प्रक्रम के लिए (P = स्थिर):
ΔH = ΔU + Δ(PV) = ΔU + PΔV
प्रथम नियम (ΔU = qp − PΔV) से ΔU + PΔV प्रतिस्थापित करने पर:
इसी प्रकार, स्थिर आयतन पर (ΔV = 0, w = 0):
2. मूलभूत संबंध: ΔH = ΔU + ΔngRT
गैसीय पदार्थों से युक्त रासायनिक अभिक्रियाओं में आयतन परिवर्तन मुख्य रूप से गैसीय मोलों की संख्या में परिवर्तन पर निर्भर करता है। आदर्श गैस समीकरण PV = nRT के अनुसार, स्थिर ताप T पर:
Δ(PV) = Δ(ngRT) = ΔngRT
जहाँ Δng = ∑ ng(उत्पाद) − ∑ ng(अभिकारक) (केवल और केवल गैसीय प्रावस्था (g) में उपस्थित स्पीशीज को गिनें; ठोस (s) एवं द्रव (l) को पूर्णतः छोड़ दें)।
| स्थिति | ऊष्मागतिक संबंध | उदाहरण अभिक्रिया |
|---|---|---|
| Δng = 0 | ΔH = ΔU (कोई बाह्य प्रसार कार्य नहीं) | H2(g) + I2(g) → 2HI(g) (Δng = 2 − 2 = 0) |
| Δng > 0 | ΔH > ΔU (निकाय का प्रसार, गैस द्वारा कार्य) | PCl5(g) → PCl3(g) + Cl2(g) (Δng = 2 − 1 = +1) |
| Δng < 0 | ΔH < ΔU (निकाय का संकुचन, निकाय पर कार्य) | N2(g) + 3H2(g) → 2NH3(g) (Δng = 2 − 4 = −2) |
3. ऊष्मा धारिता एवं मेयर का संबंध (Cp − Cv = R)
किसी निकाय का ताप 1 केल्विन (या 1 °C) बढ़ाने हेतु आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को उसकी ऊष्मा धारिता (C) कहते हैं:
- विशिष्ट ऊष्मा धारिता (c): पदार्थ के एकांक द्रव्यमान की ऊष्मा धारिता (J g−1 K−1)।
- मोलर ऊष्मा धारिता (Cm): पदार्थ के 1 मोल की ऊष्मा धारिता (J mol−1 K−1)।
स्थिर आयतन (Cv) एवं स्थिर दाब (Cp) पर ऊष्मा धारिता
स्थिर आयतन पर: qv = ΔU ⇒ Cv = (∂U / ∂T)v
स्थिर दाब पर: qp = ΔH ⇒ Cp = (∂H / ∂T)p
आदर्श गैस हेतु मेयर के संबंध (Cp − Cv = R) का निगमन
1 मोल आदर्श गैस हेतु एन्थैल्पी की परिभाषा से: H = U + PV = U + RT।
ताप T के सापेक्ष अवकलन करने पर:
dH/dT = dU/dT + R
अनुपात γ = Cp / Cv को रुद्धोष्म घातांक (Poisson ratio) कहते हैं:
- एकपरमाणुक गैस (He, Ne, Ar): Cv = (3/2)R, Cp = (5/2)R ⇒ γ = 5/3 ≈ 1.67
- द्विपरमाणुक गैस (N2, O2, CO): Cv = (5/2)R, Cp = (7/2)R ⇒ γ = 7/5 = 1.40
- त्रिपरमाणुक अरैखिक गैस (H2O, SO2): Cv = 3R, Cp = 4R ⇒ γ = 4/3 ≈ 1.33
कैलोरीमिति उपकरण: बम कैलोरीमीटर बनाम कॉफी-कप कैलोरीमीटर
बम कैलोरीमीटर (स्थिर आयतन, ΔV = 0) कॉफी-कप कैलोरीमीटर (स्थिर वायुमंडलीय दाब)
+------------------------------------------+ +------------------------------------------+
| [थर्मामीटर] [विलोडक (Stirrer)] | | [थर्मामीटर] [विलोडक] |
| | | | | | | |
| +--|----------------|--+ | | +--|---------------|--+ |
| | v v | (जल कुंड) | | | v v | |
| | .................. | | | === पॉलीस्टायरीन ऊष्मारोधी कप === |
| | . +------------+ . | | | | | |
| | . | दृढ़ इस्पात| . | | | | अभिक्रियाशील जलीय विलयन| |
| | . | बम पात्र | . | | | | q_rxn = -q_calorimeter | |
| | . | (दहन कक्ष) | . | | | | q_rxn = -(m * c * ΔT) | |
| | . +------------+ . | | | +---------------------------+ |
| +----------------------+ | +------------------------------------------+
| q_v = C_cal * ΔT = ΔU | q_p = (m_sol * c_sol + C_cal) * ΔT = ΔH |
+------------------------------------------+ +------------------------------------------+
4. कैलोरीमितीय गणनाओं के सूत्र
मोलर ΔU = (qv / mपदार्थ) × Mमोलर द्रव्यमान
तत्पश्चात ΔH की गणना: ΔH = ΔU + ΔngRT
5. हल किए गए महत्वपूर्ण संख्यात्मक उदाहरण एवं परीक्षा MCQs
1. संतुलित रासायनिक दहन समीकरण:
C6H6(l) + 7.5 O2(g) → 6 CO2(g) + 3 H2O(l)
2. Δng की गणना (केवल गैसीय मोल):
Δng = 6 (गैस) − 7.5 (गैस) = −1.5 mol
3. ΔU की पहचान: बम कैलोरीमीटर स्थिर आयतन ऊष्मा मापता है ⇒ ΔU = −3267.0 kJ mol−1
4. ΔH = ΔU + ΔngRT लागू करने पर:
ΔngRT = (−1.5 mol) × (8.314 × 10−3 kJ K−1 mol−1) × (298 K) = −3.716 kJ
ΔcH° = −3267.0 + (−3.716) = −3270.72 kJ mol−1।
ध्यान दें कि आयतन में संकुचन (Δng < 0) के कारण वायुमंडल द्वारा निकाय पर कार्य किया जाता है, जिससे ΔH का मान ΔU से थोड़ा अधिक ऋणात्मक होता है।
उत्तर देखें
Δng = गैसीय उत्पाद मोल − गैसीय अभिकारक मोल = 2 − (1 + 3) = −2।
समीकरण ΔH = ΔU + ΔngRT में मान रखने पर: ΔH = ΔU + (−2)RT = ΔU − 2RT।
उत्तर देखें
मेयर के संबंध के अनुसार, परमाणुकता पर विचार किए बिना किसी भी आदर्श गैस के लिए Cp,m − Cv,m = R होता है।
6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
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