QCC Notes
कक्षा 11 · भौतिकीJEE MAIN × NEETEnglish
§ 14.4NCERT कक्षा 11 · भौतिकी · अध्याय 14

विस्पन्द (Beats) एवं ध्वनि में डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect)

विस्पन्द की घटना:

जब लगभग समान आवृत्ति (f1 व f2) वाली दो ध्वनि तरंगें एक ही दिशा में संचरित होकर अध्यारोपित होती हैं, तो ध्वनि की तीव्रता में आवर्ती रूप से उतार-चढ़ाव (प्रबलता का बढ़ना व घटना) होता है। इस परिघटना को विस्पन्द (Beats) कहते हैं।

1. विस्पन्द आवृत्ति (Beat Frequency)

प्रति सेकण्ड सुनाई देने वाले विस्पन्दों की संख्या: fb = | f1 − f2 |
  • दो क्रमागत उच्चिष्ठों (या निम्निष्ठों) के बीच समयांतराल: Tb = 1 / fb = 1 / |f1 − f2|।
  • श्रवण निर्बन्ध (Persistence of Hearing): मानव कान द्वारा विस्पन्द स्पष्ट रूप से तभी पहचाने जा सकते हैं जब fb ≤ 10 Hz हो।

2. स्वरित्र द्विभुज (Tuning Fork) में परिवर्तन

  • मोम लगाने पर (Loading with wax): द्रव्यमान/जड़त्व बढ़ता है ⇒ आवृत्ति घटती है (f ↓)।
  • छीलने / घिसने पर (Filing): द्रव्यमान घटता है ⇒ आवृत्ति बढ़ती है (f ↑)।

3. ध्वनि में डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect)

स्रोत एवं श्रोता के बीच आपेक्षिक गति के कारण श्रोता द्वारा सुनी जाने वाली ध्वनि की आवृत्ति में होने वाले आभासी परिवर्तन को डॉप्लर प्रभाव कहते हैं।

डॉप्लर प्रभाव का व्यापक सूत्र:
f' = f0 [ (v ± vo) / (v ∓ vs) ]

जहाँ f0 = वास्तविक आवृत्ति, f' = आभासी आवृत्ति, v = ध्वनि की चाल, vo = श्रोता का वेग, vs = स्रोत का वेग।

4. प्रमुख स्थितियां

आपेक्षिक गति की स्थिति आभासी आवृत्ति f' का सूत्र प्रभाव
स्रोत स्थिर श्रोता की ओर गतिमान f' = f0 [ v / (v − vs) ] आवृत्ति बढ़ती है (तारत्व ऊंचा होता है)
स्रोत स्थिर श्रोता से दूर जा रहा है f' = f0 [ v / (v + vs) ] आवृत्ति घटती है (तारत्व नीचा होता है)
श्रोता स्थिर स्रोत की ओर गतिमान f' = f0 [ (v + vo) / v ] आवृत्ति बढ़ती है
श्रोता स्थिर स्रोत से दूर जा रहा है f' = f0 [ (v − vo) / v ] आवृत्ति घटती है
आपकी प्रगति

केवल इसी डिवाइस पर सेव — कोई अकाउंट या साइन-इन नहीं।